क्या स्वर्ग नर्क होता है ?

Image Source: pexels.com

क्या स्वर्ग होता है? नर्क क्या होता है? क्या ये सब सिर्फ मिथक हैं? या यह वास्तव में होते हैं? यदि हाँ! तो कहाँ होता है स्वर्ग लोग या नर्क लोक? मृत्यु के बाद क्या होता है? स्वर्ग होता कैसा है? क्या इन मिथकों में कुछ सच है?

इस बात के कुछ प्रमाण सामने आये हैं. कई व्यक्ति मर कर जिंदा हो गये और उन्होंने कहा कि उन्हें यमदूत ले गये थे और यमराज के दरबार में पेश किया गया कि उसे स्वर्ग में भेजा जाये या नर्क में. तभी पता चला कि अभी उसकी आयु बाकी है और यमराज ने आदेश दिया कि इसे धरती पर भेज दो. इस आधार पर दावा किया गया कि स्वर्ग लोक या नर्क लोक होता है.

परन्तु सनातन बह्मविद्या के सूत्र इसकी पुष्टि नहीं करते. इस प्रकृति में अलग अलग व्यवस्था नहीं होती. ऐसा हो ही नहीं सकता कि हिन्दू के लिये अलग, मुसलमान के लिये अलग, मच्छर के लिये अलग, मछली के लिये अलग व्यवस्था हो. यह और पाप एवं पुण्य की व्यवस्था लोगो को धार्मिक नियम के प्रति निष्ठावान बनाने के लिये है. मर कर जिन्दा होना असम्भव है. यह मृत्यु पूर्व तन्द्रा का मामला है, जिसमें अपने जीवन के पाप पुण्य की समीक्षा करने वाला और अपनी आस्था के अनुरूप दरबार में पहुँचने की अनुभूति करने वाला वह व्यक्ति ही होता है, उस लोक की कोई हकीकत नहीं होती. वहाँ मुजरिम, पुलिस, वकील, जज स्वयं वही होता है, जो पूर्व जीवन के संस्कारों के अनुरूप अनुभूत होता है.

पढे़ गुरूदेव प्रेम कुमार शर्मा की पुस्तक “मृत्यु के बाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *