कोई काम सफल नहीं होता , क्या करें?

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यह विषय जन्म कुंडली से सम्बन्धित होता है। इसके कई कारण होते है। बृहस्पति का खराब होना (पितृ दोष आदि); बुध का राहु- शनि- केतु से विकृत होना, मंगल को सूर्य की सहायता न मिलना, चन्द्रमा का दुर्बल या विकृत होना, शुक्र का बृहस्पति, चन्द्रमा और सूर्य से प्रभावित होना। यह जन्म कुंडली के लग्न का स्थायी योग भी होता है और वर्षचक्र में एकाएक ही आता है। पहले में विकार का समय अधिक होता है; अधिक कष्ट होता है। दूसरा सामयिक होता है। अचानक से प्रभाव उत्पन्न होता है।

इनसे निदान का सटीक उपाय भी किया जा सकता है; जब सम्पूर्ण कुंडली का अध्ययन करके उसकी गणना की जाए। सरसरी नजर महादशा और अंतरदशा देखकर बताये गये उपायों की कोई आधार नहीं होता; क्योंकि महादशा काल में भी ग्रहों की स्थिति बदलती रहती है। आपकी इस एक लाइन की सूचना पर हम कोई सलाह नहीं दे सकते; क्योंकि कुंडली की गणना करने में काफी समय लगता है। यह सेवा हम निशुल्क प्रदान नहीं कर सकते। इसके लिए 2500 रु. शुल्क जमा कराना होगा। समस्याएं सभी के साथ है और दिन में दर्जनों बर्थ डेट आते रहते है। हम चाहकर भी इतना समय इसमें नहीं दे सकते।

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