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कब्ज : अनेक रोगों का एक कारण

कब्ज़ की आयुर्वेदिक दवा और इलाज

उबालकर सिझाया प्याज, गुलाब के फूल, नरम सुपाच्च खाना , सभी प्रकार की हरी सब्जी , पका केला, कच्चा केला सब्जी में, केले के फूल की सब्जी, सभी तरह के साग, मूंग की दाल, रोटी के साथ शहद या गुड़, भोजन से एक घंटा पहले ठंडा पानी, दो घंटा बाद थोड़ा गुनगुना पानी नियमित पीना लाभकारी है।

लहसुन, मांस, मछली, तली चीजें, फास्टफूड, कोल्डड्रिंक , कंद यानी ओल, आलू आदि मत खाए। गैस बनती हो, तो बेल का शर्बत, बैगन, कोम्हरा, सेम आदि न खाए। वातरोग वालों को तो बिलकुल नहीं खाना चाहिए।

आयुर्वेदिक दवाएं –

  1. बड़ी हर्रे, सोंठ, सनाय की पत्ती, सौंफ – इनको समान मात्रा में कूट पीसकर छानकर इसमें इसके वजन का 10% सेंधा नमक या काला नमक मिला कर रख लें। भोजन के बाद इसकी मात्रा 5 ग्राम गर्म पानी के साथ सुबह-शाम है।
  2. छिलका उतारा तिल 25 ग्राम , मक्खन 25 ग्राम , मिश्री 25 ग्राम, तिल पीसकर फेंट कर रोज प्रातः बासी पेट खाने से पेट साफ रहता है और कोठा ठंडा रहता है। जिनको गर्मी हो , उन्हें प्रयुक्त करना चाहिए।
  3. गुलाब की पत्ती 25 ग्राम , मिश्री 100 ग्राम पीसकर एक पाव गर्म दूध के साथ खाए। इससे पेट साफ होता है।
  4. एरंड का तेल 25 ग्राम, गरम पानी या दूध एक पाँव मिलाकर पीन से पेट साफ होता है। यह सुरक्षित जुलाब है।
  5. अत्यंत कड़ा कब्ज , पुराना कब्ज , वृद्धों का पुराना कब्ज एनिमा देने से निकलता है। इसके बाद उपर्युक्त में से पहले नुस्खें या 4 थे नुस्खें का प्रयोग लगातार कुछ दिन करते रहे।

तन्त्र चिकित्सा में प्रत्येक मल कब्ज का कारण अलग –अलग है। विशेष चिकित्सा के लिए पूरी रोग हिस्ट्री बतानी होगी।

 

विशेष -तन्त्र का एक सामान्य प्रयोग है। प्रतिदिन 5 पके नीबू का रस, दो गुणा संतरे के रस में मिलाकर खाली पेट प्रातःकाल पीते रहे। यह 45 दिन का  कोर्स है ।पेट साफ करने के बाद शुरू करना चाहिए। यह एसिड बनना, वायु बनना, कब्ज होना तो दूर करता ही है , शरीर के हानिकारक जीवाणु मारता है, विष विकार निकालता है।

कब्ज के कुछ आयुर्वेदिक गोपनीय नुस्खों पर बने चूर्ण 200 ग्राम 2000 रु में हमारे यहाँ उपलब्ध है। इससे परमानेंट इलाज हो जाता है। यह जुलाब नहीं है।

 

2 thoughts on “कब्ज : अनेक रोगों का एक कारण

  1. Guruji,muje purañ kàbj hài.kamàr ,sar,knee avm solder ,me dàrd.nak hamesh band.sardki Prakriti,age.66.puja path me taklif.pathari ki taklif. Bàr bàr Mutra, peshab ki taklif. El bàr pathtarika operation .phir se pathtarika.peshabme Jalan kabhi Hoti hai.kabhi kabhi urinme infaction hota hai.anindraa ka rog. Samajik patrikame .sampadak ,gumana firna hot a hai.rog muktika saral upay bataye.aushathi bataye.rashi avm bank account.bataye.dava aur,dua Pradan Kare.guruji.c. d.khatri.

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