औषधियों पर पिरामिडीय प्रयोग

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पिरामिड के निर्माण में जिस विज्ञान का प्रयोग किया जाता है, भारतीय आयुर्वेद की भी उत्पत्ति का आधार सूत्र वही है | यह भी ‘तत्व विज्ञान’ के ऊर्जा सूत्रों पर आधारित है | इसमें स्थूल शारीरिक लक्षणों से रोग की पहचान की जाती है, परन्तु इसका सूत्र वही है |

कफज, पित्तज और वातज का अर्थ पृथ्वी तत्व, अग्नि तत्व और वायु तत्व से निर्मित स्थूल संरचनाएं हैं | ये किसी भी अस्तित्व के निर्माण की मुख्य तीन ऊर्जा तरंगें हैं | इनसे ही सृष्टि है और वैदिक ग्रन्थों में जो वर्णन है कि सर्वप्रथम सूर्य, पृथ्वी और आकाश उत्पन्न हुए, इसका यही अर्थ तात्पर्य है |

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