औषधियों का वर्गीकरण

धर्मालय के प्रसार में सहयोग करें

औषधियों पर पिरामिड के चमत्कारी प्रभावों का प्रयोग करने के लिए हमें सर्वप्रथम उस औषधि की प्रकृति को ध्यान में रखकर उसका वर्गीकरण करना होगा |

रात्रिबल औषधियां पृथ्वी तत्व से प्रभावित होती हैं |

दिवाबली औषधियों सूर्य तत्व से प्रभावित होती हैं |

चंद्रमा से प्रभावित औषधियां आकाश तत्व से प्रभावित होती हैं |

शीतकालीन उत्पत्ति वाली औषधियां गरप होती हैं | ग्रीष्मकालीन उत्पत्ति वाली औषधियां ठंडी होती हैं |

सभी प्रकार के विषों से प्राप्त औषधियां गरम एवं उत्तेजक होती हैं |

लगभग सभी प्रकार की नशीली औषधियां गरम होती हैं |

दूध वाली सभी औषधियां गरम होती हैं |

उपर्युक्त वर्गीकरण एक सामान्य वर्गीकरण है | इसके उचित अध्ययन के लिए औयुर्वेद का अध्ययन करें | यहां हम कुछ औषधियों के प्रयोग का वर्णन कर रहे हैं |

धर्मालय के प्रसार में सहयोग करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *