शुभ अशुभ शनि के फल उपाय एवं टोटके

अशुभ शनि उपाय और टोटके
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कुंडली का कोई भी फल किसी अकेले एक भाव पर निर्भर नहीं करता .इसमें दूसरे भावों के प्रभावों क की भी गणना होती है. किसी एक भाव पर  उस भाव कभी सटीक फल नहीं निकला जाता, क्योकि दृष्टि, भाव की भूमि, भावों के आपसी संबंध , ग्रहों के विशेष सम्बन्ध, और शक्ति आदि अनेक समीकरण हल करने होते हैं. यहाँ हमें कोशिश की है की अन्य ग्रहों की स्थिति के सापेक्ष भी बताया जाय, पर वह पूर्ण नहीं है. यह संभव नहीं, क्योंकि यह जटिल विद्या है.

शुभ अशुभ शनि के फल उपाय एवं टोटके

प्रथम भाव शनि के फल उपाय एवं टोटके

इसका फल कुंडली में राहु केतु से सम्बन्ध और मंगल की स्थिति पर निर्भर  करता है . किसी रूप में राहू केतु दोनों से सम्बन्ध बन जाए और मंगल 6 के बाद के भाव में हो, तो यहः बहुत शुभ होता है. मालोदौलत दिलाता है. दबदबा और प्रसिद्धि भी .सूरज अच्छी हालत में हो, तो राज्य अधिकारी बनाने या राजा सा जीवन पाने के योग बनते हैं . इस दशा में शनि के कारोबार, शनि के व्यक्तिऔर , शनि की स्त्री  आदि का लाभ होता है. ऐसे व्यक्ति को शनि के दान में सिक्के या तेल न दे कर सोना या कागज़ के नोट देना चाहिए.भैरव जी को शराब चढ़ाना भी लाभ प्रद है, पर उसे खुद न पिने लगे.48 वर्ष की उम्र तक लाभ ही लाभ होगा. मंगल 1 से 6 में हो और राहू केतु का सम्बन्ध बन रहा हो. तोभ शुभ होता है, पर मच्छ रेखा का भाग्य नहीं होता.चाहे सही या चाहे गलत रास्ते से धनवान बन जाएगा, पर झटके लगते रहेगे.

कुंडली में बुध नीच हो. तो शनि हर पूर्व की चीजों को नीलाम करवा देगा. नशेबाज होगा और जबान भी कलेजा चीरने वाली होगी  यही दशा भाव 7 के में कोई गृह होने औरौर राहू केतु के मंदे  होने पर होगी.संचित दान, आमदनी, घर, औरत सभी की दशा दयनीय होगी .10 ,11 में सूरज हो,4 में सूरज चन्द्रमा मंगल  में से कोई भी  हो , तो 4 में राहू रहने  पर भी  तो खाना ४ और उसके ग्रहों के विषय बर्बाद होंगे. अपनी और पत्नी की किस्मत एन ग्रहण होगा.स्त्री बीमार रहेगी या पति को मत्व नहीं देगी. धातु रोग होंगे संतान का दुःख भी रहेगा .मंगल खराब हो रहा हो और उसे सूरज की मदद न मिल रही हो , शनि पर नीच बुध का साया हो, तोकुतिल, झ्ग्रालू, अपराधी या राहजन होगा. इसे प्रवृति मूलक  रूप में लें  माता पर पड़ेगा. चाहे चंद्रमा कुंडली में कहीं भी हो.सूरज 8 में हो, तो सूरज का फल बर्बाद होगा. राज्य से दुःख होगा.

उपाय कारण का करें तो अधिक लाभप्रद होगा.फिर भी कारोबार के लिए काला सुरमा जमीन में शनिवार को दबाएँ.ताम्बे का सूर्य का यंत्र सिद्ध करवा कर गले में पहने. कड़ा या अन्गूती भी सूर्य मन्त्र से सिद्ध करवा कर पहन सकते हैं.सूर्य मन्त्रों से सूर्य को जल अर्पित करें. बरगद की जड़ में दूध चढ़ा कर उस गीली मिटटी का तिला प्रतिदीन लगाएं.  औरत की सेहत के लिए उसे विष्णु के किसी रूप का ध्यान लगाने और मन्त्र पढने को कहें . औलाद के लिए पीपल में स्त्री द्वारा  108 दिन पानी देना और गुरु पूजा करवाना उत्तम होगा. भीरव पूजा भी की जा सकती  है.

द्वितीय भाव शनि के फल उपाय एवं टोटके

संचित धन, जायदाद  ,स्त्री , शरीर खेत आदि की दशा भाव 7 की स्थिति पर निर्भर करेगी . औलाद  भाव ६ और केटी की दशा से, उम्र 8 और १२ के साथ चंद्रमा की स्थिति से ज्ञात होगी. घर मकान की दशा स्वयं 2 से ज्ञात होगी.अच्छे स्वास्थ्य का एक बुद्धू सा लगने वाला आदमी, जोधन कमाने एवं व्यवहार में कुशल. धनि होगा.खुदमुख्तार और मेहनती होगा.  जायदाद या तो पुश्तैनी होगी या खुद बना लेगा.कंजूस, मतलब के बिना किडी को मत्व न देनेवाला और इसी उदेश्य से धर्म कर्म साधू शान्तो में आष्टा रखने वाला शनि अकेला हो,8 ,9.10,12  में कोई गृह हो और चंद्रमा मंद हो, तो उदास, अकेलेपन से भरा, धन कमाने के बाद भी बार बार दुनियादारी से मन उछत, संन्यास रोग का शिकार होगा.

ससुराल पर भारी. शनि की वस्तुओं को जातक अपने घर में जुटाएगा, ससुराल का जाएगा. जैसे मकान, वाहन, लोहे की मशीन आदि. इसके लिए सांप को दूध पिलायें .राहू 8 , 12 होतो ससुराल बर्बाद. वृहस्पति 11 हो,तोकिसी की न सुननेवाला बदनाम होने, बुरी संगति और शोहबत का शिकार.. सूरज 12 , तो वहमी  और शक्की तबियत का.मंगल मन्द, तो बीमार दुखी. धातु रोग, सेक्स में कमजोर. राहू 8 , तो वहमी. भूत प्रेत जादू टोना का शिकार होने वाला . यह दशा बुध के 9 में होने पर भी होगी .

दूध या दही का तिलक लगाएं. केशर का भी तिलक लाभ देगा. शिव और गणेश के मन्त्र जाप से लाभ होगा . इनकी सिद्ध मूर्ति स्थापित करके  प्रति दिन पूजा करे, वैसे हम पहले बता आयें हैं कि कारण का निदान सबसे उत्तम होता है.सांप को दूध पिलाएं। मांस मदिरा का सेवन जहर का काम करेगा.

तृतीय भाव शनि के फल  उपाय एवं टोटके

यहाँ का शनि फल केतु पर निरभै करता है.केतु अच्चा होगा और शनि दे सम्बन्ध बनेगा, तो लड़के तारेंगे . बुध के समय यानी 34 वर्ष तक लडकियां पेड होंगी. यदि लड़का हुआ, तो वह बुद्दिमान और रुतबे वाला होगा.जब भी लड़का पैदा होगा, किस्मत चमकेगी. इस योग में धन हो, तो लड़का नहीं होता और लड़का हो, तो धन की कमी होती है.केतु 3 या 10 में हो, तो लड़का ३४ से अहले होने की उम्मीद होती है और मकान इत्यदि का योग बनता है. अक्सर यह जातक रुत्बेवाला होता है.लोगों में काम बिगाड़ने के लिए बदनाम, आराम पसंद,और ऐय्यास हो सकता है, यदि बुद्ध नीच और मंगल को सूर्य का सम्बन्ध न मिले.अग्नि कोण या दक्षिण का दरवाजा अशुभ होगा. इस स्थिति में द्वार्वेध हो, तो घर में मौतों के होने की संभावना होती है. लड़का हो, तो गंबीर बीमारी हो सकती है.सूरज 1 , 3, 5, हो तो लड़के और मकान का सुका मंदा होता है. इसमें गड़बड़ होती रहती है.सूरज, बुध वृहस्पति 9 हो, तो एकांत पसंद और बुझा हुआ सा होता है.बुध 9 , हो , तो बिना मतलब की सोचो से परेशान रहता है.

काला कुत्ता पालें. दामाद, मामा और साले को कुछ न कुछ देते रहें . बेटी पर ध्यान रखें. रत्न आला सफ़ेद पत्थर सोने में. देवता और मन्त्र गणेश जी.

चतुर्थ भाव शनि के फल उपाय एवं टोटके

यहाँ का शान अपने लिए अच्छा होता है. यह मुसीबत कके समय सहायता करता है औ जा अशक्ति भी हो जय, तो शानी की आराधना उससे निकाल कर शक्ति प्रदान  करती है.चंद्रमा यदि १० में हो, तो माता को दुःख बीमारे का खतरा हटा है. हन्द्र्मा 2,3, में हो, टी तो जातक को लम्बा सुखी जीवन मिलता है, मंगल, बुध, शुक्र की उम्र में  यानी 28 वर्ष की उम्र तक, लड़कियों, एवं जवान औरतों की सगती में अय्याशी करे या उस पर धन लुटाये, तो धन  बर्बाद होगा. शादी के बाद स्त्री दुखी रहेगी और खुद नपुंसक  सा हो जाएगा. संतान दुःख होगा. या तो उत्त्पन्न नहीं होगी या बीमार रैहेगी, अपना स्वास्थ्य भी बर्बाद रहेगा.वृहस्पति 3 में हो, तो किसी भी तरह दूसरों को लूट कर भी जायदाद बना लेगा .चन्द्रमा जैसा होगा, माता का हाल और अपनी आयु वैसी ही होगी. पानी से खतरा होगा . रात में दूध पीना, जहर होगा.जायदाद, आमदनी, बर्बाद होगी. बाहरी औरत मुसीबत बनी रहेगी.

सांप को न मारें. तेल न बेचें. सांप को दूध पिलायें.  जब बुरा समय हो, तो भैरव जी को शराब चढ़ाएं और  शक्ति हीनता हो, तो बाबुल के पत्तों और बरगद के कच्चे फलों या कोपलो को दावा की तरह खाएं. पानी में कान्त लोहा लाल करके २१ बार बुझाए और वह पाऊं थोडा थोडा पीते रहें. धातु गड़बड़ हो तो. चांदी बजा कर पीये . स्त्री के स्वास्त्य के लिए गुरु मन्त्र और भैर्रव की आराधना है. रत्न काला पत्थर या लोहे का छल्ला माध्यम में. देवता और मन्त्र भैरव जी.

पंचम भाव शनि के फल उपाय एवं टोटके

यह वृहस्पति की भूमि है. जातक खुदमुख्तार, स्वाभ्माइन और कठोर होगा . कुंडली में केतु की जो हालत होगी वही औलाद के मामले की होगी . निःसंतान कभी नैन होगा, पर संतान अपने ही घर में चोरी करनेवाली नशेबाज हो सकती है.कुत्ते की फितरत का मालिक होगा. छानबीन करना और मीन मेख निकालना आदत    में होगी , यदि केतु भला हो. राहू की स्थिति पर मकान की दशा का पता चलेगा.भाव 11 खाली हो धर्म कर्म का मालिक प्रसिद्द व्यक्ति होगा.केतु भे 4  में हो तो पहले लड़के के जान की कोई गारंटी नहीं होगी, पर दूसरे के बाद संतान पर शनि का साया नहीं होगा.या सूरज चंद्रमा 5,9, , हो तो और शुशुक्र  7 या 12 में हो,  10 ,  खाली हो, तो संतान को लोहे में लगे जंग की तरह खा  जाएगा. अनेक शादी के बाद भी संतान की कोई गारंटी नहीं होगी. पैदा हो कर मरेगा. यहाँ याद दिला दें की ज्योतिष में लड्कियोयं की गिनती संतान में नहीं की जाती. यद्दपि क्कानूनी तौर पर आज य्ह्भेद भाव अपराध है, पर प्राचीन विद्याओं में यही है. इसे बदलना भी अपराध है.इसलिए हमने स्थिति स्पष्ट कर दी है. युग परिवर्तित हो गया है., पर इसका कोई संसोधन मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है. यह विद्वान् ज्योतिषियों की कोई सब्भा ही कर सकती है.  कई परिवर्तन करने होंगे .

पुश्तैनी मकान में नीव में ताम्बा  लगाएं.खाना १० खाली हो, तो घर में केसर, शहद , तेज धार की छुरी , ताम्बा, चांदी पुस्तैनी मकान की नीव में दबाएँ और घर में रखे. बल्कि न भी हो, तो भी यही उपाय करें .पर १० में राहू-केतु  हो, तो शहद सौंफ और खांड का घर में पीपल की समिधा में हवन करें.बुध के लिए निर्दिष्ट उपचार।मन्दिर में कुछ अखरोट ले जायें। उनमें से आधे वापस लाकर सफेद कपड़े में लपेट कर घर में रखें। देवता हनुमान जी, गणेश जी, शिव, और विष्णु हैं. रत्न 48 वर्ष की आयु से पहले अपने लिए घर न बनाएं। देवता शिव, विष्णु, हनुमान एवं गणेश हैं. रत्न पुखराज, माणिक्य , मोती और मूंगा हैं. धातु, सोना, चांदी, ताम्बा.

षष्ठ भाव शनि के फल उपाय और टोटके

इस भाव का शनि भाव 2 के गृह का फल बर्बाद करेगा. दुश्मन, दोस्त की कोई शर्त न होगी.यदि यहाँ शुक्र है, जो अच्छा बभी है और शनि का दोस्त भी, तो भी वह बर्बाद होगा और स्त्री, शरीर, संचित ध, जाय्य्दाद को बर्बाद करेगा.दिन में नजर आएगा, पर शाम होते है नजर कमजोर हो जायेगी. लगभग अँधा होगा.कुंडली में जैसा केतु होगा, वैसा  फल होगा.जब वर्ष के अनुसार या चक्र के अनुसार अच्छा होगा, तो शनि हर क्षेत्र में रक्षक होगा.28 से पहले शादी करेगा, तो लड़की, माता, पत्नी तीनो दुखी रहेंगीं.राहू 3, 6, में हो या वर्ष चक्र में आ जाए, तोतो शनि तार देगा. नालायक बीटा भी मददगार होगा. सूरज 12 हो तो पत्नी या शुक्र के फल में मंदा असर नहीं होगा, पर शर्त है की शुक्र 2 में न हो. इस योग में शुक्र बर्बाद होता है. जातक सांप की तरह चालाक , कुटिल और बदला लेने वाला होता है.बुद्ध नीच हो, तो बहुत खतरनाक होता है.बुद्धि, लड़की, और व्यापार अपने ही चाल चला से भटकते हैं. अय्यास और शराबी भी हो सकता है, जब बुध से चन्द्रमा का सम्बन्ध बन रहा हो.चंद्रमा12, राहू या केतु 8 हो, तो पत्नी पर भूत प्रेत का साया हो सकता है या वह नज़रों से जादू टोना करने वाली हो सकती है. चरित्र दोष भी       हो सकतें हैं.

वृहस्पति कायम करें. खाना के अनुसार उपाय करें. मंदिर में जाएँ, विशेष कर शिवलिंग मंदिर में. शिव की आराधना करें. पत्नी दोष के लिए उसे गुरु मन्त्र जपने और गुरु पूजा करवने को कहें. लड़की के लिए दुर्गा जी.. देवता शिव हैं, रत्न मूती, धातु चांदी.चमड़े और लोहे की बनी हुई कोई वस्तु न खरीदें। पुरानी चीजें खरीदी जा सकती है। सरसों तेल से एक मिटटी से  काभरा कोई बर्तन किसी नदी की तलहटी में दबा दें. 28 से पहले शादी न करें. महत्वपूर्ण काम रात में करें.

सप्तम भाव  के फल उपाय एवं टोटके

हजारों लाखों की आमदनी हगी, पर जायदाद शायद ही बने,  शरीर का मजबूत औरेकांत पसंद होगा. किसी को हराम का न देगा.कलम का धनी. शनि  का समय गुजरते ही  प्रसिद्द  और दौलत मंद हो जाएगा.परोपकारी होगा, तो धन का सुख होगा, वर्दना धन से दुःख ही  होगा . २२ वर्ष के बाद शादी होने पर नजर कमजोर हो सकती है. मकान बने बनाए बहुत मिलेंगे. पर देखा गया है  कि 1 में वृहस्पति हो, तो ये मकान किराए के होते हैं.हिम्मत वाला  और बुद्धिमान होगा.वृहस्पति २ में हो, तोअमीरों में अमीर होता है. राज्य अधिकारी होगा, यदि सूरज भी 11, 1 या 10 में हो.3 ,5,7,11  में बुध, शुक्र राहू हो, तोसुखी जीवन होता है. लडकी नेक होती है. लड़के भी तेजवान होते है. पत्नी सुन्दर और सहयोगिनी होती है.पर बुध के साथ शुक्र के दुश्मन हों या शुक्र से बुद्ध का सम्बन्ध नहीं बन रहा होता हो,तो स्त्री का पर प्रेम में पड़ने का चांस रहता है. मंगल अच्छा हो तो, अच्छी आमदनी होगी.बुध 11 हो, तो अमीर राईस होगा.मंगल शुक्र इकट्ठे हो, तो संतान, पत्नी धन दौलत सब तरफ से सुखी होगा.कोई न कोई मुसीबत के समय मदद करने आ जाएगा.वर्ष चक्र में सूरज, चन्द्र , मंगल 7, में आएँगे तो सेहत खराब होगी. पत्नी का सुख कम होगा.पर स्त्री प्रेम और शराबखोरी की और  जुए ककी लत लगी तो, संतान, धन, स्त्री सुख, सब बर्बाद हो जायेगा. नीच बुध से चंद्रमा का संयोग होने और शनि से सम्बन्ध बनने पर इसकी प्रबल संम्भावना होती है.वृहस्पति मंद हो, तो जाहिर में बहुत बनेगा, पर निहायत ही कुटिल और औरतों के मामले में लम्पट होगा.कुंडली में मंगल बुध, वृहस्पति और शुक्र एक साथ हो, तो ३९ तक नसीब का मारा, बीमार और क्जग्रालू होगा.सूरज, चन्द्र, मंगल,3 ,5,7,10 में हो , तो गुप्त बीमारियों से पीड़ित, जायदाद, दौलत, स्त्री शुख, आयु तक मंडे होंगे.शुक्र साथ हो या सम्बन्ध बने, तो स्त्री पुरुष दोनों दोनों पर दीवाने होंगे. बुध 1 हो तो म्रत्यु सर काटने या सर पर घातक चोट लगने से होगी.बुध ७ में हो, तो आँख खराब होगी. सूरज ४ में हो, तो हिजड़ा और निकम्मा होगा.मंगल मंद हो, तो 27 तक हथियार का खतरा होगा.

1 में कोई ग्रह  हो. तो बांसुरी में खांध भर कर वीराने में दबाएँ . 1 खाली हो, तो  मिटटी के बर्तन में शहद भर कर घर में रखें  और नीव में दबाएँ.  गले में  चांदी के शिव का लाकेट सिद्ध करवा कर पहनें. लोहे के कड़े में लाल सुर्ख रंग लगा कर पहनें. धातु चांदी, देवता शिव, मन्त्र शिव, रत्न मोती है. मूंगा भी फायदा करेगा, पर चांदी में पहने.

अष्टम भाव शनि के फल उपाय और टोटके

यह शनि का अपना घर है. यहाँ बैठा शनि सुपर जस्टिस होता है. गलती करने वाले को माफ़ नहीं करता. भावना विहीन न्याय कर्ता . चाहे जातक खुद हो या उसका कोई संबंधी  या दुश्मन या उसके कारोबार आदि.  कुंडली में बुध और मंगल जैसे होते हैं, इसका फल भी वैसा ही होता है. साथ मंगल हो या 12 में हो , तो बुध अच्छा होने पर न्यायकर्ता होता है. सूरज अच्छा होने पर सरकारी ऑफिसर, वृहस्पति अच्छा हो और सूरज भी, तो सेना या पुलिस का अधिकारी होता है.बुध और राहू केतु जिस तरह चलेंगे शनि भी चलेगा. शनि अकेला हो और कोई प्रभाव न हो, तो कभी मंदा नहीं होगा.12 में मित्र होना चाहिए या केतु . मंगल बुध नीच हो, तो और इनका सम्बन्ध बन रहा हो, तो अपराधी होता है, जो क्रूर हिंसा में विश्वास्र रखता है.

छाती पर ज्यादा बाल हो, तो उम्र गुलामी में गुजर जाती है.शराब से दूर रहे, तो शनि कभी बुरा असर नहीं देता. सूरज या चन्द्रमा का सम्बन्ध बने या नीच मंगल का तो, घर में मौतें होतीं हैं.खाना 12 खाली हो, तो निरदहन दुखिया होता है.

खाना 12 के खाली जगह का उपाय करें.मिटटी के रंग की टोपी पहनें. अपने सर पर रात में स्त्री के हाथ से तेल मालिश करवाएं. अपने पास में चाँदी का टुकड़ा रखें।साँपों की रक्षा करें और उन्हें दूध पिलाएं।  देवता शिव, मन्त्र शिव,. धातु चांदी . रत्न मोती.

नवम भाव  शनि के फल उपाय एवं टोटके

औलाद और मकान के लिए उत्तम. कई मकान के योग बांटें हैं, पर चौथा बना तो मृत्यु होती है.भारी बड़े परिवार का मालिक होगा और सुखी होगा. शनि यहाँ मंदा असर नहीं देगा.परोपकारी होना शर्त है.गुरु कका उपाय जरूर करें , यह शत्रुओं से रक्षा करगा.शुक्र का फल अच्छा होगा, वह कहीं भी हो, पर यदि वह 2 में हुआ, तो कई गुना अच्छा होगा. धन, स्त्री, शरीर का सुख अच्छा होगा., पर चन्द्रमा मंद होगा. माता कस्व्वास्ति और अपनी आयु पर बादल होंगें.बुध 6 हो तो बुध, शुक्र, शनि तीनो का प्रभाव अच्छा होगा.2 कहाली हो, तो कुटिल, चरित्रहीन अय्याश पर धनि होगा. वृहस्पति 12 हो, तो ध दौलत की परवाह न करेगा.

मंगल 4 में होगा, तोयह व्यक्ति अपने खी कर्मों से बदनाम, बीमार, और बेगैरत होगा.औलाद पैदा ही नहीं होगी, हो गयी तो लम्बी उम्र की होगी.

शराब, मांस शनि के हर योग के लिए मंदा फल देता है. छत पर किसी प्रकार का इंधन आद्ज सामान न रखेंस्त्री का मासिक इस योग में बाधित रहता है, उसका इलाज करें.शनि के काम में बरकत नहीं होगी. वृहस्पति और चंद्रमा के काम में लाभ  होगा. गुरुपूजा और गुरु का मन्त्र लाभ देगा. देवता गणेश, मन्त्र गणेश जी का, धातु सोना, रत्न पुखराज है. गुरु का उपाय करें . गुरु पूजा और और शाधू संत का आशीर्वाद पराप्त करें.

दशम भाव के शनि का फल उपाय और टोटके

1 में मित्र हो, तो इस गृह, लग्न, और पूरी कुंडली के लिए लाभप्रद होगा, दुश्मन हो, तो उतना ही हानिकारक. शनि दुश्मन सी प्रभावित न हो, तो हर सातवें साल लाभ देगा.इस योग का अकेला शनि, हर तीसरे, सातवें साल लाभ पहुंचाता है.यह कुंडली के सभी ग्रहों का अविभावक होता है, यानी भाग्य का गृह. इस योग का जातक किसी न किसी शनि के कारोबार से जुदा होता है.जायदाद, आमदनी, प्रसिद्धि, सुख, सब आसमान की बुलंदियों के होंगे यदि वृहस्पति नीच न हो.वह धर्मात्मा हो या चालाक संगदिल,शानों शौकत का मालिक होगा. शनि शेषनाग की तरह सिहासन की रक्षा करेगा.जातक को बैठे रहने वाला काम करना चाहिए. भाग दौर के काम में हर और झगड़ा और अपमान होगा.२ खाली हो, तो शनि का फल दबेगा. इस दशा में केशर का तिलक लगाना चाहिए.48 की उम्र तक मकान बनया, तो अवनति शुरू हो जायेगी.

धाधि और मूंछ के बाल कम हों या साफ़ करवाता रहे, तो साहस की कमी होगी.सूरज, चंद्रमा या मंगल का साथ होने पर यहाँ बैठा शनि खूंखार भैसा होता है. यह इन तीनो का ही नहीं अपना भी फल बर्बाद करता है और क्रूर सोच को जन्म देता है.4 में ये तीनों में से कोई हो या 3 खाली हो,३० वर्ष ता शनि का असर मंदा रहेग.

,मांस, शराब से परहेज रखें . एक जगह बैठने वाला कारोबार करेंकेषर का तिलक लगाएं. गले में चांदी के शिव का सिद्ध लाकेट पहनें दूसरों की इज्जत करें.गमले में फूल या नीबू लगाने पर ससुराल सुखी रहता है. दाढ़ी मूंछ रखें. देवता गणेश, मन्त्र गणेश जी का.रत्न पुखराज, धातु सोना है . केशर का तिलक लगाएं .

एकादश भाव शनि के फल उपाय एवं टोटके

जैसा कुंडली में राहू केतु होगा वैसा ही फल होगा. इस योग का शनि उत्तम फल देता है, यदि 3 में बुध न हो.सूर्य या मंगल 10 में हो और चंद्रमा 6 में तो प्रसिद्धि, सुख, धन सब उत्तम होते हैं. जातक दौलतमंद होगा, पर कुटिल और फरेबी होगा. इसी गुण से धन कमाएगा.संतान का सुख होगा.अमूनन ऐसा व्यक्ति खानदानी जायदाद ही प्राप्त करता है. कमाई चाहे जितनी हो, अपनी जायदाद नहीं बना पपात.बुध तीन में न हो और वृहस्पति शनि के साथ हूँ, तो यह शनि धर्म कर्म वाला होता है.3 खाली हो, तो शनि सोया हुआ माना जाता है . यह जब वर्ष चक्र  में 1 में आता है, तब इसका स्वरूप जगता है सूरज.1 चंद्रमा 2 शनि 11 और बुध 3 में  न हो, तो राज्य से आदर मिलता है और धन की प्राप्ति होती है.

शराब बहुत बुरा करेगा. मकान ५५ के बाद बनेगा, पर इससे पहले बने, तो इसी मकान में लम्बी बीमारी से मरेगा. अय्याश और औरतबाज होगा, तो बीमारी नपुंसकता, निःसंतान होगा. पत्नी की वफादारी और दौलत, दोनों का ठिकाना न होगा.. दक्षिण का दरवाजा बहुत अशुभ होगा. बुध का साथ शनि के फल को खराब करेगा, तब तो और भी जब बुध नीच हो. दोनों बर्बाद होंगे. लड़की, धर्म कर्म. मकान, सब पर बुरा असर पड़ेगा.धातु रोग या नपुंसकता हो, तो एक साल या एक साल छः महीने पत्नी से दूर    रहें , बल्कि सम्भोग से वर्ना मृत्यु  भी हो सकती है.

राहू केतु का फल बुरा हो रहा हो, तो मंगल का उपाय करें. शराब न पीयें . अंडा न खाए .सुबह शाम धरती पर शराब की कुछ मात्रा भैरव जी  को समर्पित करें. धरती स्त्री होती है. यदि स्त्री यह काम करे तो और भी अच्छा है .घर का मुख्य द्वार दक्षिण में न हो।घर में चाँदी की ईंट रखें।

द्वादश भावशनि के फल उपाय एवं टोटके

बहुत दौलत मंद होगा. इस पर भी दौलत की परवाह न करने वाला वैरागी होगा.कम उम्र में ही नया मकान बनेगा. जातक उसे रोके नहीं जैसा बनता है, बनने दे ,शनि अब रक्षक शेष नाग होगा.बर्बाद को भी आबाद करेगा .व्यापार और परिवार दोनों बड़े होंगे.र राहू  3,6 और केतु 9,12 , हो तोस्व्यं अपना भाही लिखनेवाला रात के शुख्मय नींद का स्वामी होगा.अब राहू 12 में भी हो तो भी शनि तारने वाला होगा.यदि मकान पूर्व मुखी हो, तो पश्छिम दक्षिण कोने का कमरा अँधेरा होना चाहिए यानी उसमे सूरज की रौशनी न आये. पश्चिम मुखी हो , तो भी कोशिश करें और यहाँ बादाम रखें . उत्तरमुखी हो तो पशिम दक्षिण के कमरे में रौशनी न आये. दक्षिण का मकान इस योग के लिए भी अशुभ है. यदि ऐसा हो ही, तो सूरज की रौशनी से बचाव का इंतजाम करें और दरवाजे पर पानी का घडा दोनों और रखें. कुंडली में राहू शनि को देखता शनि से पहले हो, तो शुभ होता है. लोहा ताम्बा बन जाता है यानी कमाई होगी. यदि वह बाद में हो और शनि उसे देखता हो, तो वहाशुभ होता है.लोहे में जंग लगता है. यानी, कमाई, मकान , हड्डी, बाल के बुरे हाल होंगे. रातों की नींद बाधित होगी.खाना 4 में चन्द्र के मित्र हों, या चंद्रमा अच्छी दशा में हो, तो राहू भी अच्छा ही होता है.सूरज बुध 3 या मंगल 1,2,3, तो भी राहू बुरा असार नहीं करता, चाहे कहीं हूँ.

चांदी घर में रखे और चांदी के घड़े में पानी रखे.  धातु चांदी, देवता शिव, रत्न मोती, मन्त्र शिव का सामान्य मन्त्र. मांस-मदिरा का सेवन न करें. घर के अंतिम दीवार में खिड़की या दरवाजा न रखें, न खोलें।

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