अशुभ राहु के फल उपाय एवं टोटके

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राहू के फल और अशुभ राहु के उपचार एवं टोटके

प्रथम भाव  राहू के फल ,उपाय एवं टोटके –

एक ऐसा हाथी, जो सीढियों पर चढ़ते हुए सिहासन की और बढ़ रहा हो. आसपास को अपनी ताकत से भयभीत करता हुआ. यदि बुध भाव 3 में और मंगल 4,7,8, 12 में हुआ, तो बेहद अहंकारी ,हड्डियों और आत्मा को गला देने वाला कटु वचन बोलने वाला बुद्धि का अतरिक्त दावा रखने वाला भय .  कुंडली में जैसा बुध होगा , वैसी ही इसकी चाल होगी. आसपास को भयभीत जरूर करेगा और क्षुब्ध भी. शुक्र 7 में हुआ या साथ हुआ, तो धन को शुद्ध किहावा से उड़ाते राणे की प्रवृति होगी. बुध मंगल का उपर दिया योग हुआ, तो पत्नी, भाई ,पिता , ताऊ आदि परिजनों से मार पीट करनेवाला होगा. बेहद गुस्सैल , जिससे मित्र तक क्षुब्ध रहेंगे. हसे बड़ा धनवान, यशवान , बुद्धिमान कोई नहीं की सोच होगी. बिना सोचे समझे तुरंत किसी काम या क्रिया को तीव्र गति से करेगा और असफलता मिलने पर किसी अन्य  पर डाल देगा.

शुक्र 7 में हुआ तो संचित धन नहीं होगा, पत्नी विलाप करेगी, पिता  का विरोधी होगा , तो संतान हीन होगा. पूर्वजों की निंदा करने की प्रवृति होगी . जिस घर में सूरज बैठा हो , उस घर के फल में ग्रहण लगेगा, पर यह लम्बे समय तक नहीं होता. धनी हो सकता है, आमदनी भी बड़ी हो सकती है, पर उस धन को बेदर्दी से उडाएगा. चंद्रमा खराब हो, तो नशेबाज होगा . खाना 1से 6 तक पर बुध का असर होगा. जैसा कुंडली में बुध हो. 7 से  12 तक पर केतु जैसा हो, वैसा असर होगा.

सूरज साथ हो, तो राज से झगडा शरारतें, धर्म और शासुराल दोनों की इज्जत पर मूतने वाला होगा.भाई बन्दों को दुखी परेशान करेगा, माता को रुलाएगा, पिता से झगडा करेगा,लड़के लड़कियों के आचरण का ठिकाना न होगा. कुछ न भी करे, तो बदनामी होगी ही.मुकदमें, अपनी चीज कुत्ते खा जायेंगे, काम में रुकावटें ,नींद तक बर्बाद होगी. इमानदारी का प्रदर्शन करेगा, पर अन्दर खाने खानेवाला होगा.इसका प्रभाव 42 साल तक होता है. 18 साल महादशा का होता है.

चंद्रमा का उपाय करें. मोती, चांदी, दूध, पानी का संयोग उत्तम होगा . सूरज की वस्तुओं का दान करें.ताम्बई रंग के कपडे में बिल्ली की जेर रक्खें .गेंहु, गुड़ और कांसा मंदिर में दान दें ।चाँदी का चौकोर टुकड़ा गर्दन में बांधे। उसकी मोटाई सब जगह एक जैसी होनी चाहिए। दूध से स्नान करें।

द्वितीय भाव राहु के फल उपाय और टोटके –

गृहस्थी बड़ी होगी, पर उसके सुख और धन आमदनी का फल, कुंडली में स्थित वृहस्पति एवं शनि की स्थिति पर निर्भर करेगी. जैसा ये दोनों होंगे ,वैसा ही फल होगा.धन या किसी भी चीज की चोरी सरे आम दिन दहारे होगी.धोखा और चोरी के किस्से आम होंगे, मगर दिन में ही. रात में नहीं.इस योग का जातक अ जातिका राजा रानी जैसे दबंग और अधिकार  सम्पन्न होते है.धनी  और सुखी भी होतें हैं. शरारती होते हुए भी विवेकवान होते हैं.वृहस्पति नीच हो, तो भी ये कहीं न कहीं धर्म कार्यों से ही धन, यश पा लेते हैं.यदि यह जातक अपने मकान के ईशान, या उत्तर या प्रवेश की बाहर या वायव्य में किहें बनाता है, तो  अपना ही नहीं खानदान कभी धुआँ  निकाल देगा .

जेब में चाँदी की छोटी-छोटी गोलियां रखें।ललाट पर हल्दी या केसर का तिलक लगायें।सोने के गहने पहनें।घर के उत्तर –पश्चिमी भाग में चाँदी या पानी रखें।

तृतीय भावराहू के फल उपाय एवं योटके –

यह जातक ऊँचे मुकाम तक पहुंचेगा.उम्र दौलत का राजा  दबंग होगा.यह सच्चे सपने देखेगा. औलाद नेक होगी.विवेकवान होगा और दुश्मन से भी न्याय करेगा.साहसी होगा. कलम में तलवार से अधिक ताकत होगी. दौलत आमदनी कम हो , तो हो, पर सुखी होगा.आखिरी समय जायदाद छोड़ कर जाएगा दुश्मन गृह शुक्र, मंगल, सूरज भी साथ हो जाय या किसी सम्बन्ध में हो जाय,तो इसका शुभ असर कम नहीं होगा.साथ में कोई अन्य गृह हो ,मंगल को छोड़ कर,या 12में कोई गृह हो, तो 34 वर्ष की उम्र तक्बुध और केतु का फल मंदा होगा.बुध की उम्र क्या सूरज की उम्र तक बहन वेवा  होगी.

हाथी दांत या उससे बनी हई वस्तुएं अपने पास न रखें।चन्द्रमा के लिए निर्दिष्ट उपचार करें।

चतुर्थ भाव के राहु के फल उपाय एवं टोटके-

दौलतमंद होगा . घर में आहाते में बना कुआं या नलका बार बार खराब होगा.चांदी की चोरी हो सकती है.पानी के स्रोत ,जो घर के अहाते में हो,अक्सर कराब होते रहेंगे.छत से पानी टपकने या जैम कर रिसने के मामले होंगे.वस्तुत भाव 4 चंद्रमा है, जिसे जल का स्रोत माना जाता है. आयु और माता का भी. यहाँ हाथी बैठा है, तो इस पानी और इसके विषय की गड़बड़ी को समझ सकते है. अपना  स्वाश्य , माता का सुख ,बाधित होता रहेगा. पर धनी होगा और दौलत में खेलेगा .दौलत की दशा चन्द्रमा की स्थिति से ज्ञात होगी.ससुराल धनि होगी या जातक की शादी के बाद धनि हो जायेगी.इसमें जातक को भी हिस्सा मिलेगा. स्त्री जातक का फल इससे समझ सकते है. वह लक्ष्मी के रूप में ससुराल जायेगी, पर सास. ननद, के लिए सरदर्द होगी. पति भी उससे सहमा रहेगा. अनुकूल हुई, तो उसकी हर मुसीबत को झेलेगी . क्रोधित हुई, तो भय होगी. इस जातक, जातिका को जो प्रेम से वश में रखेगा, उसके लिए जान देने वाले होंगे

वृहस्पति का संयोग होने पर ये किसी न किसी क्षेत्र के रिसर्चर होते हैं. बुध से कलाकार. शनि से सम्बन्ध हो, तो परम्परा के कट्टर. वादी होते हैंहैं और शांत नहीं रहते कोई क्षेत्र हो उपद्रव करते रहते हैं. विशेष कर धर्म के मामले में. चाहे कोई धर्म हो.ऐ शांत रहें, तो घर में ही गंगा होती है. अशांति करें, तो विनाशकारी गंगा. औलाद के जन्म या 24-48 की उम्र सतक उन्नति करतें हैं. इसके बाद स्वभाविक प्रवाह होता है.

मामा बर्बाद होता है. 48 तक चंद्रमा से सम्बन्धित सभी वस्तुओं में आकस्मिक बर्बादी या दोष हटा है.चंद्रमा कुंडली में अच्छा न हो तो आमदनी और धन भी सामन्य में गन्दा होता रहता है. इसकी स्त्री और स्त्री जातक का पति, इससे दबता है,धूम्र पान, प्रवेश, वायव्य, ईशान पर किचेन,छत बदलना , शौचालय को बार बार बदलना, कोयले लकड़ी को छत पर स्टोर करना, छत , सीढ़ी को गन्दा रखना — सभी ग्रहों के फल को बिगाड़ देगा.नाला जाम नहीं होना चाहिए. ब्रह्मचारी को व्रत बनाने पर गृहस्थी बर्बाद होगी.घर में चांदी का गणेश रख कर सिद्ध करके प्राण प्रतिष्ठा करें . कार्य क्षेत्र में मगल स्थापित करें, दाहिनी कलाई में चांदी का ऐसा कदा पहनें, जिसमे मूंगा लगा हो.

पंचम भाव  राहु के फल  उपाय एवं टोटके –

घर परिवार , धन दौलत , धर्म मर्यादा सभी अच्छे होंगे, यदि वृहस्पति सात वें भाव मब न हो.सूर्य चंद्रमा का साथ हो या इनमें से सूर्य   लग्न में हो और माता जिन्दा हो, तो मच्छ रेखा होती है. मगर केवल चन्द्रमा का साथ हो या  सम्बन्ध बने तो संतान सुख बाधित होता है.मंगल 5 या 6 में या मंगल  शनि 5 में या शनि 7 में हो, तोतो संतान और किस्मत दोनों अच्छे होंगे.शनि कुंडली में कमजोर हो, तो निःसंतान होगा. संतान माता के गर्भ में मारेगी या उत्पन्न ही नहीं होगी.आकस्मिक घटनाओं से एक्कैक तरक्की, धन, प्रतिस्था में नुक्क्सन होगा, बीमारी और ज्जग्दे में समय, धन और चैन जाएगा. वृहस्पति 7 और शुक्र 5, 9, ११ हो या सूर्य वृहस्पति वृहस्पति के साथ हो, तो पत्नी का स्वास्थ्य बर्बाद होगा नर संतान कयोग बनेगा भी, तो 21 या 42वर्ष की उम्र में.

अपनी ही पत्नीसे फिर से  शादी करने से संतान बाधा दूर होती है. छत पर ऊपर ताम्बे का प्लेट लगाने, दाहिने हाथ में ताम्बे का कड़ा पहनने , सर पर खूनी  लाल सूती टोपी पहनने से धन, आमदनी,  प्रतिष्ठा के दोष दूर होतें हैं. चांदी या सोना न पहने. घर में इसके हाथी या गणेश जी की मूर्ति न रखें . यदि संतान हो ही नहीं रही हो , तो योग्य व्यक्ति से अनुष्ठान करवाएं . विष्णु के किसी रूप का या अग्नि देव का. कोई दूसरी स्त्री से सम्बन्ध हो, तो विशेष सलाह करनी होगी. रत्न माणिक , देवता सूर्य, विष्णु या श्री कृष्ण . सूर्य को जल अर्पित करें.

छठे भाव में राहू के फल  उपाय एवं टोटके.

इस भाव में बैठा  राहू जातक जातिका  को दिमागी ताकत का मालिक बनाता है. यह हर मुसीबत  से छूटने की तदवीर खोज लेता है. गले में फंदा लग जाय, तो उससे निकलने की तरकीब हो जाती है.अक्सर हुकूमत पुलिस इसके साथ होती है.शत्रु इससे परास्त हो कर भयभीत रहता है.यह गिर जाय, तो खुद ही उठ जाता है.  किसी की मदद का मुहताज नहीं होता. पुत्र के जन्म के बाद पुत्र इसका साथी होता है. शनि 12 में हो, तो ऊँचा हुक्मरान या मुकामी होता है.इसकी स्थिति बुध केतु दो गृह की स्थिति पर निर्भर करती है की यह शुभ होगा या अशुभ . जैसा बुध और केतु वैसा ही इसका फल होगा. यह बर्बाद , तो अपने ही शभचिंतकों को हानि पंहुंचा कर उन्हें शत्रु बना लेने वाला मूर्ख होगा. अहंकारी होगा .बड़ो या शक्तिशाली की चमचागिरी करेगा . अपनों को अपमानित करेगा. कमाएगा खूब, पर अहंकार में व्यर्थ के प्रदर्शन एन धन बर्बाद करेगा. रक्त की किसी बीमारी का शिकार होगा . पिता का विरोधी, भाई कोअप्मानित प्रताड़ित करनेवाला , पत्नी से भी मारपीट करेगा.

सीसे की गोली अपने पास रखें. काला कुत्ता पालें. काली सूती टोपी पहनें , कन्या की पूजा करें. दुर्गा जी की आराधना करें. गणेश जी की आराधना भी करें. आज्ञाचक्र पर केशर का तिलक लगाएं. गले में चांदी का चेन और उसमे एक टफ गणेश जी दूसरी तरफ दुर्गा जी की सूरत हो. गणेश को ऊपर की और रखें.

सप्तम भाव राहू का फल उपाय एवं टोटके –

मालदार दौलतमंद होगा . आमदनी भी अच्छी होगी. रसूख और दब दबा भी होगा, पर धन को खुशामदी करीबी खायेगे. राज सम्बन्ध भी अच्छे होंगे, मगर अहंकारी होगा. इस योग के पुरुष की पत्नी मरती है या भाग जाती है. आजकल तलाक से लें. यह न भी हो , तो पत्नी क्षुब्ध रहती है और इसे पत्नी का प्यार नहीं मिलता . कई औरत से सम्बन्ध बनता है  या कई शादी होती है. यह योग औरत के टेबे में हो, तो तलाक होता है. दूसरी शादी भी नहिंफलती. २० वर्ष की उम्र से सेक्स में प्रवृत होती है. शादी हो या न हो. प्रेमी बदलत रहता है. बहार हाल गृहस्थी का सुख नगण्य होता है. ये चाहते भी नहीं. मौज मस्ती स्वतंत्रता के समर्थक होते हैं. ये इतने सेक्सी होते हैं की सगे रिश्तेदारों में भी सम्बन्ध बना लेते हैं, जहां वर्जना होती है. मर्यादा और परम्परा को लात मारने वाले अपनी ही मर्यादा पर मूत्न्ने वाले होते हैं.बिजली, जेल या पुलिस का पेश होने पर उम्र तक खतरे में होती है.

जब शादी हो , लड़के की तरफ से लड़का, लड़की का योग हो, तो लड़की शादी के समय चांदी ककी दो छोटी ईंट  मंडप पर रक्खें  और जब दुलहन विदा हो, तो आँचल में डालें. उसे घर में सुरक्षित रखें . शादी हो गयी हो या बिना शादी किसी का साथ हो, तो चांदी के बर्तन में किसी नदी का पानी भर कर र्घर में रखें ढक्कन खोल कर देखतें रहें. पानी सूखने लगे, तो फिर भर दें .बुध, शनि, केतु का अपव्यय करायेंगे, यदि 11 में इनमे से कोई हो. इसी गृह के योग या सम्बन्ध वाले धन खायेंगे.

अष्टम भाव राहू के फल  उपाय एवं टोटके –

28 वर्ष की उम्र तक किस्मत झूले की तरह ऊपर निचे होगी. मंगल नेक हुआ, तो बड़े भाई के सहयोग से राहत रहेगी. राहू का फल भी अच्चा होगा. मंगल या शनी दोनों में से एक भी अच्छा हुआ, तो नसीब जग जायगा. इनदोनो में से कोई एक खाना ८ ममें आ जाए , तो उस वर्ष से हनी पूरी होने लगेगी.शनि नीच हो या कर लिया जाय, तो जातक जातिका कुटिलता से लाभ उठाना चाहेंगे और बर्बाद होंगे.जब जब जिस वर्ष रहू 8 में आएगा बहुत नुक्सान होगा. अमूनानन यह जन्म साल के हर 11- 12वें साल आता है.

दक्षिण के दरवाजे का मकान अशुभ होगा. वह भी, जो गली बंद की आख़िरी हो या फर्श प्रवेश के बाद पीछे नीचा हो. कुंडली में मंगल खराब हो, तो परिवार में मौत तक होती है. मंगल का उपाय करें और धोखे, फरेब कुटिलता से बचेंराहू 8में आने के वर्ष के 8वें महीने मेंहर दिन मंदिर में बादाम चढाएं. आध घर लायें और सबको दे कर बाकी तिजोरी में रखें. यह उपाय एक साल करना होता है. अगले जन्म दिन तक राहू का एक चौकोर तुअकड़ा भैरव जी के1188 मन्त्र से सिद्द्ध करके अपने बालों के एक लत के साथ किसी तीन साल पुराने नीम के पेड़ के ताने में जड़ के नजदीक अन्दर आपरेशन करके डालें .

नवं भाव राहू के फल उपाय एवं टोटके.-

यह कान्दानी बैक ग्राउंड का भाव है,यहाँ राहू होने का मतलब है, खानदान प्रसिद्द और दबंग होगा, पर जातक उसका धुंआ उदा देगा. यह धर्म  का भी स्पथान है , पर  हाथी वहाँ बैठा हो, तो वह उसका भी धुंआ उड़ा देगा. . अर्थ यह की यह जातक खानदानी धन, प्रतिष्ठा, धर्म कर्म को मटियामेट करने वाल होगा अगर वृहस्पति की दशा कुंडली में अच्छी है , तो कुछ राहत मिलेगी , पर यदि वृहस्पति बुध के प्रभाव में है या किसी कारण नच हो रहा है, तो यह राहुधं, सम्पति , कारोबार, यश प्रतिष्ट सभी को नष्ट करने वाला होता है. जातक अहंकार औ अतिरिक्त बुद्धि के साथ चन्द्रमा नीच रहने पर नशे में भी डूब कर सब बर्बाद करता है.झगडे , बीमारी , मुकदमे,खुद मुक्तारी , किसी की न सुनना. अपने सामने सबको कमतर नीच समझना , उसकी इज्जत को तार तार कर देना इसकी फितरत में होगा, जो उसे लगातार मुसीबतों में डालता रहेगा.सेहत्ख्राब्रहेगी.खुद्मुक्तारीसे भुधापकेलयूपेक्षित्सा रहेगा.इसकी जान वृहस्पति ही बचा सकता है, पर यह उसको मानेगा ही नहीं. मंदिर जाएगा, तो भगवान् की आलोचना निन्दात्मक रूप से शुरू कर देगा.  पिता पूर्वजों किनिन्दा करेगा. साधु  संतों का अपमान करेगा. धर्म कर्म से विरक्त होगा. संतान पक्ष भी खराब होगा. संतान या तो होगी नहीं या 42 के बाद होगी. इसे पहले कोई भी बात किसी योग्य वृहस्पति के बताये मार्ग से ही संभव है, यदि यह उसे भी अपमानित करके कुपित न कर दे.

केशर का तिलक लगाएं. सोने में पुखराज पहनें. मंदिर जाएँ. साधू सत्संग से ज्ञान प्राप्त करें. कुत्ता पालें. मर जाय, तो फिर पालेन्न. 11 बार तक कुत्ता मर सकता है.छोटी रखें.

दशम भाव राहू  के फल उपाय  एवं टोटके –

यहाँ का राहू शनि के नियंत्रण में होगा. उसी के अनुसार फल में परिवर्तन होगा. अच्छा भी और बुरा भी. इसका कोई ठिकाना न होगा. यदि शनि कुंडली में ठीक है,तो पिता को सहयोग करेगा और परिवार कू लाभ पहुचायेगा.दौलत कमाने वाला होगा.साहसी होगा.धन कमाएगा  और सुख भोगेगा. मगर कंजूस और तंग दिल होगा. सोच स्वार्थ की होगी. कुटिल होगा और यह सब दुश्मन बनायेगे.माता, अपनी सेहत, रात की नींद, सब मंदे  होंगे . माता भी दुखी रहेगी.शनि मंदा हो, तो पूर्वजों से मिली जायदाद बेच खाने वाला होगा.मंगल खराब हो तो निर्धन हो जाएगा.इस पर चंद्रमा 4 में हो , तो सर की बीमारी, मानसिक रोग,होगा. धन तो जाएगा ही.

लाल पत्थर के हनुमान जी की एक छोटी मूर्ती कार्यस्थल पर स्थापित करके पूजा करके चरणों पर सिन्दूर चढ़ाएं और सुबह शाम धुप अगरबत्ती जलाएं. मीठा प्रसाद चढ़ा कर खाएं.  शनि का उपाय करें. शनि जिस भाव में हो, उसके अनुसार.बैरव मंदिर में सात दिन शनि को शराब चढाएं और सरसों तेल का दीपक जलाएं. देवता हनुमान जी, भैरव जी होंगे. रत्न मूंगा  और नीलम. नीलम के स्थान पर लोहे का कड़ा या छल्ला प

एकादश भाव के फल उपाय और टोटके  –

पिता का सहोग मिले , तो उसकी उम्र तक्धन दौलत की अच्छी हालत होगी.पिता गुजर जाएँ तो घर में सोना रखें.शनि 3या 5 में हो, तोतो पिता जीवित रहेगे. शनि केतु 1 या 3 में हो, तोतो माता पिता की सहायता के बिना ही अपनी बदुलत अमीर होगा.यह जातक अक्सर दौलतमंद प्रसिद्द खानदान में जन्म लेता है यदि वृहस्पति नीच या कजोर है और बुद्ध भी नीच है, तो .इसके जन्म के साथ ही उस घर की बर्बादी शुरू हो जाती है.बिना मतलब हानि,आग, सांप बीमारी, मुकदमें में धन बैबाद होता है.३६ वर्ष तक सब बर्बाद हो जाता है.इसके गर्भ में रहते ही पिता की किसी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है.36 वर्ष तक में यह पिता की कुल इज्जत, जायदाद , नाम की जड़ उखार देता है.सेहत, अयोनांग, नजर, सब नुक्सान में होती है. रीढ़ , कमर, लिंग योनी पैर, घुटना , पेशाब और धातु के रोग होतें हैं.

भंगी को खैरात देते रहें.सोना बदन और घर में कायम रखें.वृहस्पति भी तीन या 11 में हो, तो तो सोने की जगह लोहा पहनें.चांदी के बर्तन में खाय पीयें . रत्न पुखराज  है.. देवता गणेश और भैरव जी हैं. घर में या साथ अस्त्र शस्त्र न रखें.  मंदिर जाएँ. बिजली के सामान, जालीदार पोशाक टोपी ,पुलिस की वर्दी अशुभ प्रभाव देंगे. सीसे के सिक्के और नारियल ४१ दिन पानी में सायंकाल बहायें .

द्वादश भाव रहू के फल उपाय एवं टोटके –

कुंडली में जैसा बुध होगा , वैसा ही फल होगा.खर्च बहुत होगा, पर अपनों पर होगा.रात का आराम होगा. ससुराल अमीर होगी.दुश्मन कुछ बिगाड़ न पायेंगे .मंगल सात हो, तोहर तरह का सुख होगा.शनि अच्छा हो, तो धार्मिक और योगी ख़याल का सुखी धनि दुनियावी होगा.शुक्र 10या 11में हो, तोबुध के हिसाब से लडकियां और वृहस्पति के अनुसार धन का प्रवाह होगा.चोर, गबन करता,मुकदमा, बीमारी आदि का संबंध अशुभ होगा.शनि, मंगल, वृहस्पति मंदा, तो हर चीचीज मंदी हो जायेगी. खर्चे होंगे, मेहनत बहुत होगी, पर लाभ वैसा न मिलेगा.ऐसा जातक जहाँ भरोसा करे, वही डूब जाएगा.

आगे उलटी छींक हो. तो काम पोस्पोंद कर दें सोने की जगह पर सौफ और खांड की बोरी रखें

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