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अशुभ बृहस्पति (गुरु) के उपचार एवं टोटके

अशुभ बृहस्पति (गुरु) के उपचार एवं  टोटके

प्रथम भाव –  1.  पितृ ऋण के लिए निर्दिष्ट उपचार ।

  1. किसी से दान या मदद(Help) स्वीकार न करें। अपने ही आप पर भरोसा रखें।

द्वितीय भाव–  1. घर के सामने सड़क(Road) के गड्ढे भरना।

  1. केसर और हल्दी का तिलक लगाना।

तृतीय भाव- 1. दुर्गा पूजा करना।

  1. बड़ो की सेवा करना।

चतुर्थ भाव- 1. अपनी बनियान पर लाल निशान लगाये रखना ।

  1. बड़ो की सेवा करना।
  2. किसी के सामने स्नान न करना, अंग प्रदर्शन न करना।
  3. पूजा-स्थानों पर जाकर पूजा करना।
  4. कुल – पुरोहित का आशीर्वाद प्राप्त करना।
  5. पीपल का वृक्ष लगाना और उसे सींचना।

पंचम भाव- 1. दान स्वीकार न करना। मंदिर का प्रसाद भी न लेना।

  1. किसी से मुफ्त में कोई वस्तु न लेना।
  2. सिर पर चोटी रखना।
  3. साधुओं की सेवा करना। पूजा-स्थानों की सफाई करना।

षष्ठ भाव- 1. गुरु से सम्बन्धित वस्तुएं मन्दिर में अर्पण करना।

  1. बच्चों के साथ मिएँ या उनकी सलाह से व्यापार करना।
  2. मुर्गों को दाना देना या पालना।
  3. मंदिरके पुजारी को वस्त्र देना।

सप्तम भाव – 1. घर में तुलसी माला या देव-प्रतिमा न रखना। दीवारों पर चित्र लगा सकते है।

  1. सोना या सोने के गहने पीले वस्त्र में बाँधकर पास में रखना।
  2. पीताम्बरी साधुओं से दूर रहना।

अष्टम भाव- 1. आभूषण पहनना।

  1. पूजालयों को घी, दही, आलू और कपूर देना।
  2. भिखारी निराश न लौटे।

नवम भाव – पवित्र गंगा में स्नान करना। गंगा जल पीना।

  1. तीर्थ स्थानों में जाना और तीर्थ यात्रा के लिए दूसरों की मदद करना।
  2. सच बोलें। धार्मिक बनें।

दशम भाव – 1. काम शुरू करने से पहले नाक साफ़ करें।

  1. 43 दिन तक प्रतिदिन बहते पानी में ताम्बे का सिक्का फेंके।

एकादश भाव – 1. पीला रुमाल रखें।

  1. पिता द्वारा प्रयोग किये हुए पलंग और कपड़ों का प्रयोग करें।

द्वादश भाव – 1. झूठी गवाही न दें।

  1. किसी को ठगें नहीं।
  2. गुरु, साधु और पीपल की सेवा करें।

 

सामान्य उपचार : सब  भावों के लिए

  1. गुरूवार का व्रत।
  2. हरि की पूजा या पीपल को पानी देना।
  3. गोमेद पहनना या हल्दी का टुकड़ा पीले धागे से दाहिने बाजू पर बांधना।
  4. चाँदी के बर्तन पर हल्दी का तिलक लगाकर रखना।
  5. ब्राह्मण , साधु और कुलगुरु की सेवा करना।
  6. पीले फूलों के पौधे लगाना।
  7. गुरु नीच का या क्षुब्ध हो तो सम्बन्धित वस्तुएं दान देना।

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5 thoughts on “अशुभ बृहस्पति (गुरु) के उपचार एवं टोटके

  1. 100 TARAH KI POOJA UPAY NA KARKE EK HI HI SEWA POOJA BATAYEN JISSE SABHI GRAHON KE DOSH SAMAPT HON AUR JO BHI SABHI KE KALYAN KE LIYE KAROON USMEN SHEEGHRA SAFALTA MILE.

    1. यह तो काले जादू को जाननेवाला ही कर सकता है या कोई फ्रॉड . हाथ हिलायें और घर किचेन फुल .ऐसी कोई विद्या मुझे ग्यात नहीं.

  2. गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरः गुरुर साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः। ॐ। गुरुमहाराज श्री Prem Kumar Sharma सतगुरुदेवजी को गुरुपूर्णिमा पर कोटि कोटि प्रणाम। व् स्वयं का समर्पण । ॐ शिवावतार गुरुमहाराज श्री प्रेमानंन्दअलखायः नमो नमः। आपका तुच्छ शिष्य राहुल शर्मा

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